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भैतिक राशियां मात्रक और विमिया सूत्र

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भैतिक राशि physical quantities वे सभी राशियां जिनका मापन प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से किया जा सकता है। भैतिक राशियां कहलाती है। भैतिक राशियां मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है। (1 )  मूल राशि= ऐसी भैैतिक राशियां जो  एक दूसरे से पूर्णतया स्वतंत्रर होती है मूल राशि कहलाती है जैसे=लंबाई द्रव्यमान समय विद्युत धारा  आदि है। ( 2)  व्युत्पन राशि= वे भैतीक राशियां जिनका मूल राशियों द्वारा व्युत्पन किया जाता है। जैसे=वेग, क्षेत्रफल  आदि है।

अभिकेंद्रीय बल किसे कहते है।

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  अभिकेंद्रिय बल  (centripetal force)  "एक समान वृत्तीय गति करने वाली किसी वस्तु पर कार्य करने वाले बल को अभिकेंद्रीय बल कहते है।" (इस बल के अभाव में वस्तु वृत्ताकार मार्ग पर नहीं चल सकती है। यदि कोई m द्रव्यमान का पिंड v से r त्रिज्या के वृत्तीय मार्ग पर चल रहा है तो उस पर कार्यकारी वृत्त के केंद्र की ओर आवश्यक अभिकेंद्रीय बल f=mv2/r होता है।। किसी पिण्ड के तात्क्षणिक वेग के लम्बवत दिशा में गतिपथ के केन्द्र की ओर लगने वाला बल अभिकेन्द्रीय बल (Centripetal force) कहलाता है। अभिकेन्द्र बल के कारण पिण्ड वक्र-पथ पर गति करती है (न कि रैखिक पथ पर)। उदाहरण के लिये वृत्तीय गति का कारण अभिकेन्द्रीय बल ही है।

आर्किमिडीज का सिद्धांत उदाहरण सहित वाख्या

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  आर्किमिडीज का सिद्धांत ( Archimedes principle) आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार जब एक ठोस वस्तु किसी द्रव में पूरी अथवा आंशिक रूप से डुबोई जाती है, तो उसके भार में कमी का आभार होता है। उस वस्तु के भार में यह आभासी कमी वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर होती है। चुकी इस नियम की खोज महान यूनानी भौतिक गणितज्ञ आर्किमिडीज ने किया था, इसलिए उनके नाम पर इस सिद्धान्त को आर्किमिडीज का सिद्धांत कहा जाता है "आर्किमिडीज के सिद्धांत की परिभाषा – आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार जब किसी वस्तु को किसी द्रव में आंशिक या पूर्णरूप से डुबोया जाता है, तो उस वस्तु के भार में कुछ कमी का अहसास होता है, यह कमी वस्तु के द्वारा हटाये गये द्रव के भार के बराबर होता है. आर्किमिडीज का सिद्धांत का सूत्र Archimedes Principle Formula in Hindi आर्किमिडीज का सिद्धांत के अनुसार किसी द्रव में वस्तु के डुबाने पर जो उत्प्लावन बल का मान होता है, वह हटाये गये द्रव के भार के बराबर होता है. यानि उत्प्लावन बल = हटाये गये द्रव का भार Force (F) = Weight (W) और बल हमेसा ऊपर की ओर यानि द्रव के बाहरी तरफ लगता है. आर्किम...

ओम का नियम formula' सीमा, मात्रक

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  ओम का नियम।  जर्मन भौतिकविद् एवं तकनीकी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जॉर्ज साइमन ओम ने सन् 1827 में एक नियम प्रतिपादित किया जिसमें उन्होंने विद्युत धारा एवं विभवांतर में संबंध स्थापित किया।इसी संबंध को ओम का नियम कहते हैं। ( यदि किसी चालक की भौतिक अवस्थाएं जैसे ताप, दाब, लंबाई, क्षेत्रफल आदि स्थिर रहता है तो उसके सिरों के मध्य उत्पन्न विभवान्तर प्रवाहित विद्युत धारा के समानुपाती होता है) home  science  physics   ओम का नियम क्या है? परिभाषा, सूत्र, सीमा ohm’s law in hindi (om ka niyam) by rpsc guide -may 17, 20210   इस लेख में हम भौतिक विज्ञान के चैप्टर ओम का नियम (what is ohm’s law in hindi) के बारे में पढ़ेंगे यह नियम बहुत ही महत्वपूर्ण है ओम का नियम कक्षा 10 व कक्षा 12 तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं मे भी om ka niyam kya hai के चैप्टर से प्रश्न पूछे जातें है तो चलिए जानते है की ओम का नियम क्या है? ओम के नियम की परिभाषा, सीमा, अभ्यास, उदाहरण, और ओम के नियम का सत्यापन कैसे किया जाता है। अनुक्रम  दिखाएँ  ओम का नियम क्या है? किसे कहते है! what is ohm’s...

हुक का नियम exampl और उनके अनुप्रयोग

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 " हुक  का नियम ( HOOKS LOW)"प्ररत्यस्त््त ब्रिटिश भौतिकशास्त्री रॉबर्ट हुक ने 1676 में यांत्रिक युक्तियों को किसी बल द्वारा विकृत करने के बारे में एक सामान्य बात कही जो लम्बाई में परिवर्तन (विकृति) और लगाये गये बल के सम्बन्ध में है। इसके अनुसार,   हुक का नियमHook low ( प्रत्यास्थता की सीमा में किसी बिंदु में उत्पन्न विकृति उस पर लगाए गए प्रतिबल के अनुक्रमानुपाती होती है. प्रत्यास्थता गुणांक (E) का मान भिन्न-भिन्न होता है. इसका S.I. मात्रक न्यूटन मीटर ^-2 होता है प्रतिबल ∝ विकृति प्रतिबल =स्थिरांक ×विकृति σ=E× हुक का नियम स्प्रिंग पर लागू होता है यदि किसी प्रत्यास्थ पदार्थ की L लम्बाई एवं A अनुप्रस्थ क्षेत्रफल वाली छड़ पर F बल लगाने पर उसकी लम्बाई में {\displaystyle \Delta L}{\displaystyle \Delta L} की वृद्धि होती है तो इकाई लम्बाई में वृद्धि {\displaystyle \Delta L}{\displaystyle \Delta L}/L को विकृति (strain) तथा प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लगने वाले बल F/A को प्रतिबल (stress) कहते हैं। विकृति को ε से तथा प्रतिबल को σ से प्रदर्शित किया जाता है। अत: हुक के नियमानुसार, {\disp...

न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम

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न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम ( Newton's low of Gravitation )   प्रश्न 1. गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम बताइये। उत्तर- गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम-विश्व का प्रत्येक पिंड प्रत्येक अन्य पिंड को एक बल से आकर्षित करता है, जो दोनों पिंडों के द्रव्यमानों के गुणनफल के समानुपाती तथा (upboardsolutions.com) उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। यह बल दोनों पिंडों को मिलाने वाली रेखा की दिशा में लगता है। up board solutions for class 9 science chapter 10 gravitation  चित्र- किन्हीं दो एकसमान पिंडों के बीच गुरुत्वाकर्षण बल उनके केंद्रों को मिलाने वाली रेखा की दिशा में निदेशित होता है। you can also download gravitation class 9 notes pdf to help you to revise complete syllabus and score more marks in your examinations. up board solutions प्रश्न 2. पृथ्वी तथा उसकी सतह पर रखी किसी वस्तु के बीच लगने वाले गुरुत्वाकर्षण बल का परिमाण ज्ञात करने का सूत्र लिखिए । up board solutions for class 9 science chapter 10 gravitation  पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या – 152) प्रश्न 1. मु...